Safed aak । Benefit of safed aak । सफेद आक (मदार)6678

Safed aak ke labh | benefits in madar..
सफेद आक (मदार) Benefit Of Safed Aak
केलॉट्रोपिस प्रोसीरा पोधा जंगल अथवा उधान  लगाया जाता है।।इसके सफेद आंकड़े के फूल हिन्दू धर्म में । भगवान शिव को चढ़ाया जाता है।
तथा इसकी जड़ों से श्री गणेश की  मूर्ति भी घर मै रखने के लिए बनवाई जाती है।
इसकी ओषधियां उपयोगिता भी कम नहीं है।।
यहां उदर रोग, कृमि रोग नाशक होने के साथ - साथ चर्म रोग में इसके दूध काम में लाया जाता है।
इसके फल आम के तुल्य होते है। जिससे रूई निकलता है।
पोधे के प्रत्येक भाग में सफेद दूध निकलता है ।
इस प्रकार इन औषधियों की जानकारियों का उपयोग किसान कर सके तो हमे आर्थिक रूप से फायदा मिल सकता है।।
क्योंकि इनकी उपयोगिता के कारण इनकी आवश्यकताएं बढ़ रही है।
जो कि एक अच्छा संकेत है।।

नाखून रोग होने पर । Nakhun rog hone par.

आक की जड़ को घिस कर लगाने से नाखून रोग ठीक हो जाते है ।।

गठिया रोग होने पर- | Gathiya Rog Hone par.

आक की जड़ 2 सेर लेकर, उसको चार सेर , पानी में पकावे , जब आधा पानी रह जाए , तब जड़ निकाल ले , और पानी 2 सेर गेहूं , छोड़, जब जल नहीं रहे,
 तब सूखा कर उन में गेंहू का आटा पीसकर , पावभर , आटा , की बठी या रोटी बनाकर।
उसमें गुड और घी मिलाकर प्रतिदिन खाने से पुराने से पुराने गठिया का 21 दिन में ठीक हो जाता है।।

हैजा रोग होने पर -| Heja hone Par.

आक की जड़ की छाल का चूर्ण बना लें ।
अदरक का आर्क और काली मिर्च पीसकर ,
उस अच्छी तरह मिला लें । 2-2 रत्ती भर की गोलियां बनाकर उसका सेवन करने से   हैजा रोग दूर होता है।।

सिर दर्द होने पर। - Sir Dard Hone Par

आक की सूखी डंडी , लेकर उसका एक तरफ जलाकर दूसरी तरफ से , उसके धुंए की खिंचे , सिर दर्द तुरंत ठीक हो जाएगा।।

कुता काटने पर -Kutta Katne Par.

कुत्ते के काटने पर दंश के इस्थान या काटने से बने घाव मै , में आक का दूध अच्छी तरह भर देना चाहिए।।
इससे बिश का प्रभाव खत्म हो जाता है।। और फिर कोई परेशानी नहीं होती है।।

जोड़ो का दर्द होने पर - | Jodo Ka Dard Hone Par.

यदि आप जोड़ों की दर्द से हों परेशान तो बस मदार के फूल को सौंठ,काली मिर्च ,हरिद्रा और नागरमोथा के साथ बराबर मात्रा में मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें और इसे एक से दो गोली सुबह-शाम चिकित्सक के निर्देशन में लें इससे आपको निश्चित लाभ मिलेगा।

त्वचा रोग होने पर - Twacha Rog Hone Par.

आक के दूध को हल्दी और तिल के साथ उबालकर मालिश करने से आम -वात, त्वचा रोग, दाद, छाजन आदि ठीक होता है।

गहरी चोट होने पर - Gahri Chot Hone Par.

किसी गुम चोट पर मोच के इलाज के लिए आक के पत्ते को सरसों के तेल में पकाकर उससे मालिश करनी चाहिए

कान के रोग होने पर - Kan Ke Rog Hone Par.

मदार के पीले पके पत्तों पर घी चुपड़ कर धीमी आंच में गर्म कर उससे रस निकालकर दो से तीन बूँद कान में डालने से कान के रोगों में बड़ा ही लाभ मिलता है।

सावधानी से चिकित्सक के निर्देशनमें हो तो बेहतर होगा।

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