संदेश

अक्टूबर, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Sarpgandha ke Labh (सर्पगंधा के लाभ)

चित्र
                            सर्पगंधा Sarpgandha benefits in hindi !                               सर्पगंधा भारत  का सबसे पुराना औषधीय पोधा है । इसका विवरण चरक संहिता में भी किया गया है। इसे वनस्पति जगत में राऊबुल्फिया सरपेंटिना से भी जाना जाता है। सर्प एवं किट वंश के उपचार तथा उच्च रक्तचाप व निद्राजनक रोगों इसका उपयोग किया जाता है। इसकी जड़ों में 80 प्रकार के एल्केलोइड्स पाए जाते हैं इसका उपयोग उग्र पागलपन के उपचार में किया जाता है। इसकी जड़ों का सत आंतो के रोग , हेजा व ज्वर में भी उपयोगी है। यहां दर्द निवारक ओषधि के रूप में भी मरीज को देने के कम आता है। पेट दर्द होने पर  ! pet Dard hone par kya kare ! यदि आप का पेट दर्द , गैस , आपच  और कब्ज जैसे कारणों से हुआ है। तो आप सर्पगंधा के जड़ का काढ़ा बनाकर , 10 से 30 मिली (ml) ki मात्रा में पिए खांसी होने पर ! Khansi hone par sarpgandha ka उपयोग ! सर्पगंधा को आप कुक्क...

Kachnar of benfits । Kachnar ke gun ( कचनार के लाभ) Bauhinia verigata plants।

चित्र
कचनार (Bauhinia verigata plants) Kachnar of benfits ( कचनार के लाभ) Bauhinia verigata plants. india news (India news)                     Benefits of kachnar ( कचनार के लाभ यहां मध्यम श्रेणी का सुन्दर फूल वाला वृक्ष है। तथा इसके फूल का उपयोग, उधान , घर , समारोह सभा को सजाने के लिए किया जाता है । परंतु इसके छाल का उपयोग ओषधि बनाने के काम में लाया जाता है। यहां त्वचा रोग , गंडमाला नाशक ,होने के कारण अती महत्वपूर्ण ओषधि पोधा है। इसकी बंद कलियों की सब्जी भी बनाई जाती है । वनस्पति जगत में इसका नाम बोहिनिया वेरी गेटा कहते है इस पेड़ के, फल, फूल व तना सभी में ओषधियां गुण होते है। इनका उपयोग इन रोगों में किया जाता है।। मुंह के छाले। अगर आपके मुंह में छाले हो गए है। तो कचनार की छाल को काढ़ा बना  ले। और इस काढ़े में कत्था मिला कर छालो पर लगाए। आपके छाले बहुत जल्दी ठीक होंगे। घाव होंने पर। अगर आपके शरीर में किसी भी प्रकार का घाव ।या फोड़ा हुआ है। तो कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर सुबह - शाम सेवन करने से आपके घा...